Skip to content

Desi banjara

learn and grow together

  • New Year Money Reset 2026: Paise Ke Saath Apna Rishta Kaise Sudhaare, Step by Step
    New Year Money Reset 2026: Paise Ke Saath Apna Rishta Kaise Sudhaare, Step by Step Financial Wisdom
  • बिना प्लान के पैसा हमेशा रास्ता भटक जाता है Financial Wisdom
  • बुद्ध का 7 M दर्शन: संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन की कला
    बुद्ध का 7 M दर्शन: संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन की कला Buddha teachings
  • खुशी जितना बाँटते हैं उतनी ही बढ़ती जाती है - Truth of happiness
    खुशी जितना बाँटते हैं उतनी ही बढ़ती जाती है – Truth of happiness Buddha teachings
  • Your Greatest Superpower Is the Ability to Stay in a Good Mood
    Your Greatest Superpower Is the Ability to Stay in a Good Mood Buddha teachings
  • Smart Rules for a Strong Marriage - Because love isn’t enough if respect and trust don’t stay alive
    Smart Rules for a Strong Marriage Happiness
  • ज़िंदगी चलती रहती है, चाहे हम तैयार हों या नहीं
    ज़िंदगी चलती रहती है, चाहे हम तैयार हों या नहीं Buddha teachings
  • 5 Texting Habits That Reveal Low Self-Respect
    5 Texting Habits That Reveal Low Self-Respect Human Psychology

गुस्से पर काबू कैसे पाएं बिना अपना आपा खोए – मन की शांति, रिश्तों की सुरक्षा और सच्ची ताकत की कहानी

Posted on December 7, 2025 By DesiBanjara No Comments on गुस्से पर काबू कैसे पाएं बिना अपना आपा खोए – मन की शांति, रिश्तों की सुरक्षा और सच्ची ताकत की कहानी

गुस्से पर काबू कैसे पाएं - Gussa Kaise Control Kare Emotional Intelligence Hindi

गुस्सा क्या है और यह अंदर से क्या करता है

कई लोग गुस्से को बुरी चीज समझते हैं. मानो यह इंसान की बुराई हो. जैसे गुस्सा आना ही एक कमजोरी हो. लेकिन सच यह है कि गुस्सा एक बहुत ही प्राकृतिक और ज़रूरी भावना है. गुस्सा आपको बताता है कि कुछ गलत हो रहा है. कोई आपकी सीमा तोड़ रहा है. कोई आपकी भावनाओं की अनदेखी कर रहा है. कोई आपको दर्द पहुंचा रहा है. गुस्सा संकेत है कि मामला गंभीर है.

समस्या तब शुरू होती है जब गुस्सा खुद आपका मालिक बन जाए. जब आप सोचे बिना बोल दें. जब आपका व्यवहार आपकी सोच से बड़ा हो जाए. जब आप उस व्यक्ति को चोट पहुंचा दें जिसे आप खोना नहीं चाहते. गुस्सा उस आग की तरह है जिसमें चूल्हे की तपिश भी है और जंगल की विनाशक लपटें भी. फर्क सिर्फ यह है कि आप उसे कैसे संभालते हैं.

गुस्से को दबाना समाधान नहीं है. इसे समझकर संभालना ही असली भावनात्मक ताकत है.


वह रुकावट जो सब कुछ बदल देती है

आप घर आते हैं. दिन भर का तनाव. थकान. और तभी कोई छोटी सी बात आपके अंदर की आग को जला देती है. आप तुरंत जवाब देना चाहते हैं. आवाज ऊँची हो जाती है. दिमाग गर्म. और दिल कहता है कि अभी बोलना जरूरी है.

लेकिन अगर उसी पल आप बस पाँच सेकंड रुक जाएं. गहरी सांस लें. सीने में उठती गर्मी को महसूस करें. और खुद से कहें कि जवाब तब देंगे जब दिमाग शांत होगा.

बस इतना सा रुकना संबंध बचा लेता है. रिश्तों को टूटने से बचा लेता है.

एक छोटा उदाहरण सोचिए.

राहुल ऑफिस से थका हुआ आया. पत्नी ने कहा कि सब्ज़ियां क्यों नहीं लाए. राहुल चिढ़कर कह सकता था,

“तुमने याद क्यों नहीं दिलाया. मैं ही सब संभालूं क्या?”

लेकिन अगर वह सिर्फ साँस ले और कह दे,

“यार भूल गया. अभी ले आता हूँ. या तुम्हें कुछ और मंगवाना है?”

एक छोटी साँस से बड़ा तूफान शांत हो सकता है.


पीछे हटना भागना नहीं, जीतना है

बहुत से लोग सोचते हैं कि बातचीत के बीच से हट जाना हार मानना है. लेकिन यह असली जीत है. जब गुस्सा सिर चढ़ जाए और आगे के शब्द चाकू बन जाएं, तब पीछे हटने से आप अपनी और सामने वाले की गरिमा बचाते हैं.

मान लीजिए. एक माँ और उसका किशोर बेटा. लड़का गुस्से में दरवाजा पटक देता है. माँ गुस्से में चीखकर बोलती है. नतीजा दोनों के शब्द हमेशा की तरह घाव बन जाते हैं.

अब वही माँ कहे,

“मैं तुमसे प्यार करती हूँ. लेकिन इस लहज़े में बात नहीं कर सकती. हम बाद में शांति से बात करेंगे.”

लड़का शांत होकर बाद में पछताता है. और बातचीत सम्मानजनक हो पाती है.

पीछे हटना आग से ऑक्सीजन निकाल देना है. आग खुद बुझ जाती है.


धीमी आवाज में बोला गया सच सबसे ताकतवर होता है

उच्च आवाज का अर्थ यह नहीं कि आप सही हैं. यह सिर्फ यह दिखाता है कि आप नियंत्रण खो रहे हैं. गुस्सा आवाज बढ़ाता है. लेकिन सम्मान धीरे से बोला जाता है.

ऑफिस में मैनेजर किसी कर्मचारी की गलती पर सबके सामने चिल्लाए. कर्मचारी भी जवाब में चिढ़ जाए. टीम का माहौल जहरीला हो जाए.

लेकिन वही बात कमरे में बैठकर, शांत स्वर में,

“क्या गलती हुई. हम इसे कैसे सुधार सकते हैं?”

ज्यादा सीख और भरोसा पैदा करती है.

शांत आवाज ताकत दिखाती है. चिल्लाहट नहीं.


समस्या पर ध्यान देना. व्यक्ति पर नहीं

गुस्से की सबसे बड़ी चाल यह होती है कि यह मुद्दे से ध्यान हटाकर इंसान पर हमला करवा देता है.

“तुम हमेशा ऐसा करते हो.”

“तुम्हें किसी की परवाह ही नहीं.”

और लड़ाई विचारों की नहीं, अहंकार की बन जाती है.

अगर हम पूछें,

“हम इसे मिलकर कैसे ठीक कर सकते हैं?”

तो लड़ाई समाधान बन जाती है.

जहाँ दोष है, वहाँ दूरियाँ हैं.

जहाँ समाधान है, वहाँ भरोसा है.


अपने ट्रिगर्स को पहचानना सीखिए

गुस्सा अचानक नहीं फूटता. हर व्यक्ति के कुछ निजी ट्रिगर्स होते हैं. कोई अपमान सहन नहीं कर पाता. किसी को अनदेखी बर्दाश्त नहीं. कोई थकान में टूट जाता है. कोई नियंत्रण बिगड़ा तो गुस्से में आ जाता है.

इन ट्रिगर्स को पहचानना खुद की भावनाओं की जड़ समझना है.

अपने पिछले पाँच गुस्से वाले पल लिखकर देखिए.

कब गुस्सा आया. क्यों आया. भाव कौन सा पहले था. दर्द या डर या असुरक्षा.

गुस्से के भीतर हमेशा कोई और गहरी भावना छुपी होती है. उसे समझ लेंगे तो गुस्सा आपका दोस्त बन सकता है.


लिखने से भावना का बोझ हल्का होता है

लोग सोचते हैं कि चुप रहकर गुस्सा सह जाना बहादुरी है. लेकिन गुस्सा चुप रहने पर सड़ जाता है. फिर यह बाद में और बुरी तरह निकलता है.

डायरी लिखना बहुत सीधा पर असरदार तरीका है. मन हल्का होता है. दिमाग साफ होता है. भावनाओं को जगह मिलती है.

एक लड़की सना अपने ऑफिस में रोज़ अनदेखी झेलती थी. वह चुप रहती और रात को रो लेती. किसी ने कहा डायरी लिखो. उसने लिखा. महीनों में उसकी बात करने की क्षमता बदल गई. उसने आत्मविश्वास के साथ सुधार की बातें अपने मैनेजर से कहीं.

कागज आपकी चिल्लाहट सुन लेता है बिना किसी को चोट पहुँचाए.


शरीर शांत होगा तो मन भी शांत होगा

गुस्सा सिर्फ मानसिक नहीं. शरीर भी लाल सिग्नल देता है. नसें खिंचती हैं. दिल तेज़ धड़कता है. गला सूखता है. साँस भारी हो जाती है.

व्यायाम इस दबाव को मुक्त कर देता है. दौड़ना, चलना, योग, डांस, जिम. कुछ भी.

शरीर जितना शांत, मन उतना शांत.

गुस्सा धुएँ जैसा है. अगर कहीं न कहीं से निकलेगा नहीं तो विस्फोट करेगा.


माफ़ करना खुद के लिए जरूरी है

पिछले दर्द से चिपके रहना गुस्से को ज़िंदा रखता है. आप सोचते हैं कि माफ़ करने से आप हार जाएंगे. लेकिन सच यह है कि आप उसी लम्हे में कैद रहते हैं. सामने वाला तो आगे बढ़ चुका होता है.

माफ करना यह कहना है कि

“अब यह दर्द मेरे जीवन पर राज नहीं करेगा.”

यह दूसरे को नहीं. आपको आज़ाद करता है.


गुस्सा बहुत महँगा होता है

एक झगड़ा नौकरी का मौका खत्म कर सकता है.

एक तेज़ शब्द बच्चे के आत्मविश्वास पर lifetime चोट कर सकता है.

एक पल का आपा खोना जीवनभर का पछतावा बन सकता है.

बोलने से पहले पूछो

“क्या यह प्रतिक्रिया मेरे कल को नुकसान पहुँचा देगी?”

अगर हाँ. तो चुप रह जाना ही जीत है.


धैर्य सबसे बड़ी ताकत है

धैर्य का मतलब चुप रहना नहीं.

धैर्य का मतलब सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना है.

रिश्तों को बनाना सालों का प्यार है.

टूटने में बस कुछ सेकंड की कड़वी आवाज लगती है.

जो गुस्से में भी शांत रह सकता है, वही जीवन का असली योद्धा है.


छोटे उदाहरण जो बड़ा फर्क लाते हैं

ट्रैफिक में कोई गलत तरीके से गाड़ी काट जाए.

आप गुस्से से हॉर्न बजा सकते हैं.

या यह सोच सकते हैं,

“मैं अपनी शांति किसी अजनबी को क्यों दूँ.”

बच्चा गलती कर दे.

डाँटने के बजाय कहें,

“गलती हुई. अब हम इसे कैसे ठीक करेंगे.”

ऑफिस में मैनेजर की आलोचना आए.

तुरंत बहस करने के बजाय कहें,

“मुझे सुधारने में मदद करें. कहाँ ध्यान दूँ और क्या सीखूँ.”

हर बार शांति चुनने से रिश्ते गहरे होते हैं.


गुस्सा शिक्षक भी है अगर सीखने की इच्छा हो

गुस्सा कहता है कि आपकी कोई ज़रूरत पूरी नहीं हुई है.

कहीं सम्मान की कमी है.

कहीं भरोसा टूटा है.

कहीं दर्द अब भी भरा हुआ है.

हर गुस्सा कहता है

“मुझे समझो. मुझे सुना जाए.”

गुस्से को पहचानकर, समझकर और संभालकर आप खुद को ठीक करते हैं.


आप वह इंसान बन सकते हैं जिसके पास नियंत्रण है

सोचिए एक ऐसा आप

जो हर छोटी बात पर नहीं फटता.

जो कठिन बातचीत में भी सम्मान बनाए रखता है.

जो अपने बच्चों को भावनात्मक बुद्धिमत्ता की सीख देता है.

जो अपने रिश्तों और करियर में भरोसा बनाता है.

ऐसा इंसान हर कोई बनना चाहता है.

और अभ्यास से कोई भी बन सकता है.


अंतिम संदेश

गुस्सा आग है.

लेकिन आप भी आग हैं.

आपका नियंत्रण आपका असली आत्मविश्वास है.

जब आप रुकते हैं

धीरे बोलते हैं

पीछे हटते हैं

समाधान देखते हैं

ट्रिगर पहचानते हैं

लिखकर हल्का होते हैं

माफ करते हैं

धैर्य रखते हैं

तब आप खुद के सबसे मजबूत संस्करण में बदल रहे होते हैं.

आप शांति के योग्य हैं.

आप सम्मान के योग्य हैं.

आप ऐसे रिश्तों के योग्य हैं जो सुरक्षित महसूस हों.

हर दिन थोड़ा सा अभ्यास

और एक दिन आप महसूस करेंगे

कि गुस्सा अब आपके ऊपर राज नहीं करता.

आप उसके मालिक बन चुके हैं.

Buddha teachings, Life lessons, spirituality Tags:Anger Management Hindi, Emotional Intelligence Hindi, Hindi Motivation, man ki shanti, mindfulness Hindi, personal growth hindi, Relationship Tips Hindi, self improvement Hindi, Wellbeing Hindi

Post navigation

Previous Post: तूफान के बीच भी शांत कैसे रहें: असली शांति वही है जो हालात पर निर्भर न हो
Next Post: बिल कभी खत्म नहीं होते – ज़िंदगी नीचे झुकाती है, फिर उठना भी सिखाती है

Related Posts

  • New Year Money Reset 2026: Paise Ke Saath Apna Rishta Kaise Sudhaare, Step by Step
    New Year Money Reset 2026: Paise Ke Saath Apna Rishta Kaise Sudhaare, Step by Step Financial Wisdom
  • खुद तक रखने की ताकत: ज़िंदगी की हर बात सबके लिए नहीं होती
    खुद तक रखने की ताकत: ज़िंदगी की हर बात सबके लिए नहीं होती Life
  • Your Body Is Always Listening: Har Soch Ka Asar Tumhari Sehat Aur Zindagi Par Kaise Padta Hai
    Your Body Is Always Listening: Har Soch Ka Asar Tumhari Sehat Aur Zindagi Par Kaise Padta Hai Life
  • कर्ज लो, पर कर्ज दो मत – सही कर्ज पंख देता है, गलत कर्ज वजन बढ़ाता है Business
  • बिल कभी खत्म नहीं होते – ज़िंदगी नीचे झुकाती है, फिर उठना भी सिखाती है Life lessons
  • Zindagi Ki Har Baat Sabko Batane Ke Liye Nahi Hoti - Khud Tak Rakhne Ki Taaqat
    Zindagi Ki Har Baat Sabko Batane Ke Liye Nahi Hoti – Khud Tak Rakhne Ki Taaqat Life

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.



Categories

  • Buddha teachings
  • Business
  • Career & Work Life
  • Depression
  • Emotional Intelligence
  • Emotional Wellbeing
  • Entrepreneurship
  • Financial Wisdom
  • Gratitude
  • Happiness
  • Human Psychology
  • Inner Growth
  • Life
  • Life lessons
  • Lifestyle
  • marriage advice
  • Mental Health & Well-Being
  • Mental Wellness
  • Mindfulness
  • Mindset
  • Modern Life
  • Money Mindset
  • Peace
  • Personal Finance
  • Personal Growth
  • Philosophy
  • Relationships
  • Self improvement
  • Self respect
  • Self-Care
  • Small Business
  • spirituality
  • storytelling
  • Work-Life Balance
  • Workplace
  • आज की ज़िंदगी
  • आत्म-विकास
  • जीवन और रिश्ते
  • जीवन और सोच
  • मन की बातें
  • मानसिक स्वास्थ्य



Recent Posts

  • Why Opening Up About Depression Is Not Weakness, It Is Survival
  • The Art of Contentment in an Imperfect Life
  • 5 Texting Habits That Reveal Low Self-Respect
  • Smart Rules for a Strong Marriage
  • Blessings ki baat karo, burdens ki nahi
  • तूफान के बीच भी शांत कैसे रहें: असली शांति वही है जो हालात पर निर्भर न हो Buddha teachings
  • बिना प्लान के पैसा हमेशा रास्ता भटक जाता है Financial Wisdom
  • Why Opening Up About Depression Is Not Weakness, It Is Survival
    Why Opening Up About Depression Is Not Weakness, It Is Survival Depression
  • कर्ज लो, पर कर्ज दो मत – सही कर्ज पंख देता है, गलत कर्ज वजन बढ़ाता है Business
  • The Art of Contentment in an Imperfect Life - Buddha teachings
    The Art of Contentment in an Imperfect Life Buddha teachings
  • खुशी वहीं है जहाँ आप उसे चुनते हैं – असली सुख बाहर नहीं, हमारे अपने अंदर पलता है Life lessons
  • Your Greatest Superpower Is the Ability to Stay in a Good Mood
    Your Greatest Superpower Is the Ability to Stay in a Good Mood Buddha teachings
  • Kaam Ki Jagah Par Mushkil Logon Se Kaise Nipta Jaayein, Bina Khud Ko Kho Diye
    Kaam Ki Jagah Par Mushkil Logon Se Kaise Nipta Jaayein, Bina Khud Ko Kho Diye Emotional Intelligence

Copyright © 2026 Desi banjara.

Powered by PressBook News WordPress theme